लोक अदालत मे निपटे 2123 मामले, 8.21 लाख का जुर्माना भी वसूला

राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में आयोजित हुई लोक अदालत

गोंडा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश के क्रम में शनिवार को दीवानी न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला जज की अध्यक्षता में आयोजित इस लोक अदालत मे कुल 2123 मामलों का निपटारा किया गया। साथ ही जुर्माने के रूप मे 8.21 लाख रूपये की धनराशि वसूल की गई।

न्यायिक अधिकारियों ने किया 1376 मामलों का निस्तारण 

जनपद न्यायाधीश प्रदीप कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित इस राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायिक अधिकारियों ने 1376 मामलों का निस्तारण किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव/सिविल जज (सीनियर डिवीजन) जयहिंद कुमार सिंह के मुताबिक इस राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद एवं सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार गुप्ता ने स्वयं चार मामले निस्तारित किए। द्वितीय अपर जनपद न्यायाधीश (एससी/एसटी) राम प्यारे ने 2, विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट परवेज अहमद ने 12, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय मीता कुमारी ने 15, प्रथम अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय कु आफशां ने 9, द्वितीय अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय शैली राॅय ने 5 व तृतीय अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय गरिमा सिंह ने कुल 8 मामलों का निस्तारण किया।

मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी हरीराम ने कुल 272 मामलों का निस्तारण कर जुर्माने के तौर पर कुल 3.72 लाख रुपये वसूल किए। सिविल जज (सीनियर डिवीजन ) जयहिंद कुमार सिंह ने 5 मामलों का निस्तारण कर 44.35 लाख रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया। अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी रेलवे विवेक कुमार सिंह द्वितीय ने सर्वाधिक 355 वाद निस्तारित करते हुए 2.32 लाख रुपये का अर्थदण्ड वसूल किया। सिविल जज (जूनियर डिवीजन ) स्वेत्सा चन्द्रा ने 8 मामले निस्तारित किए और 11.55 लाख रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम काव्या सिंह ने 165 मामलों का निस्तारण कर वाद 94430 रुपये का अर्थदंड वसूल किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय स्वप्निल पाण्डेय ने 154 वाद निस्तारित किए और 45280 रुपये का जुर्माना वसूला। तृतीय अपर सिविल जज (जूडि) शालीन मिश्रा ने 115 वाद का निस्तारण करते हुए 21840 रुपये व पंचम अपर सिविल जज (जूडि) अभिषेक कुमार सिंह ने 184 मामले निस्तारित कर वाद 30310 रुपये का अर्थदंड वयूला। इसी तरह सिविल जज (जूडि)/एफटीसी कीर्ति किशोर ने 6 वाद का निस्तारण कर 14 हजार रुपये ,स्पेशल न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेश्वरी प्रसाद दूबे ने 46 मामलों का निस्तारण कर 10500 रुपये व मोटर दुर्घटना दावा अभिकरण के पीठासीन अधिकारी ने 11 मामलों का निस्तारण कर प्रतिकर राशि के तौर पर 15.50 लाख रुपये जमा कराया।

प्री लिटीगेशन के जरिए 516 मामले निस्तारित, साथ रहने को राजी हुए पांच परिवार

प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय मीता कुमारी ने 5 पारिवारिक मामलों का भी निस्तारण किया और इन परिवारों को एक साथ रहने के लिए राजी किया। स्थायी लोक अदालत के प्रभारी अध्यक्ष रणजीत कुमार पाठक एवं सदस्य अनुराग सिंह विसेन ने भी कुल 10 मामले निस्तारित किए। तहसील स्तर पर प्री-लिटीगेशन के माध्यम से कुल 516 मामलों का निस्तारण किया गया।

3.30 करोड़ के समझौते पर बैंकों के 231 मामले निपटे

राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक के लोन आदि से संबंधित कुल 231 मामले भी निस्तारित किए गए। इनके निस्तारण में 3.30 करोड़ रुपये की धनराशि समझौते के रूप मे तय की गई। इस अवसर पर एलडीएम दशरथी बेहरा,सिविल बार एसोशिएसन के अध्यक्ष विवेकमणि श्रीवास्तव, अधिवक्ता राजेन्द्र सिंह खुराना समेत बड़ी संख्या मे अधिवक्ता,वादकारी व न्यायालय के कर्मचारी मौजूद रहे।

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